[2022]Karwa chauth in dhanbad|करवा चौथ की कहानी- धनबाद स्पेशल- Important details

करवा चौथ

Karwa chauth|करवा चौथ की कहानी | हिंदू की एक प्रमुख त्योहार करवा चौथ हैI यह भारत के पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार में बहुत धूमधाम से मनाया जाता हैI यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता हैI इस दिन सुहागिन स्त्रियां दिनभर निर्जला उपवास रखकर और शाम को चंद्रमा को देखकर और अर्घ देकर अपना व्रत संपूर्ण करती हैI इस व्रत में सुहागिन स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु और स्वास्थ्य की कामना करते हैं।

करवा चौथ का इतिहास

पौराणिक मान्यताओं और कथाओं के अनुसार यह परंपरा देवताओं के समय से चली आ रही है I माना जाता है कि एक बार देवता और दानव में युद्ध शुरू हो गया और उस युद्ध में देवताओं की हर होने लगी ,तब सभी देवता घबराकर ब्रह्मा जी के पास गए और उनसे प्रार्थना की और अपने संकट के निवारण हेतु कुछ करने को कहा तब ब्रह्मा जी ने कहा कि आप अपने पतियों को इस व्रत को रखने के लिए कहिए सच्चे दिल से आपकी रक्षा का कामना करें, और विजय की प्रार्थना करें।

यह सुनकर सभी देवता गन अपने पत्नियों को व्रत करने को कहा और इसके नियम को बताया जब उनकी पत्नियां पूरे नियम और विधान के अनुसार यह व्रत की तो उस दिन देवताओं की जीत हुई और दानव हार गया।

करवा चौथ व्रत करने की विधि

सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर ले, इसके बाद सरगी के रूप में मिला हुआ भोजन करें, पानी पिए और गणेश जी की पूजा करके निर्जला व्रत का संकल्प लें, इसके बाद शाम तक ना तो कुछ खाना और ना ही कुछ पीना है, पूजा के लिए शाम के समय एक मिट्टी की विधि पर शंकर भगवान, पार्वती जी, गणेश जी और कार्तिकेय जी की पूजा करें, इसमें एक थाली में धूप, दीप, चंदन, रोली, सिंदूर रखे और घी का दीपक जलाएं पूजा चांद निकलने के 1 घंटे पहले शुरू कर दें इसके बाद चांद का दर्शन कर व्रत को खोलें।

करवा चौथ व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री

करवा चौथ में महिलाओं को मिट्टी की करवा ,डक्कन पानी का लोटा, गंगाजल ,दीपक, रुई ,अगरबत्ती ,चंदन ,कुमकुम ,रोली, अक्षत, फूल, कच्चा दूध ,दही, देसी घी, शहद ,चीनी ,हल्दी, चावल, मिठाई ,चीनी का बुरा, मेहंदी ,महावर, सिंदूर, कंघा, बिंदी, चुनरी, चूड़ी ,बिचवा, पीली मिट्टी लकड़ी का आसन, छलनी आठ पुरिया की आठवरी, हलवा और दक्षिणा के लिए कुछ पैसे आवश्यक होता है।

करवा चौथ व्रत 2021 का शुभ मुहूर्त

2021 में करवा चौथ व्रत बहुत ही शुभ मुहूर्त पर प्रारंभ हो रहा हैI इससे पहले यह शुभ मुहूर्त 5 साल पहले हुआ था। तब करवा चौथ रविवार के दिन पड़ा था, यह दिन 8 अक्टूबर 2017 को रविवार के दिन व्रत रखा गया था।

ज्योतिष आचार्यों के अनुसार इस साल 24 अक्टूबर 2021 को भी रविवार का दिन है, रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित है, सूर्य देव  दीर्घायु होने का आशीर्वाद प्रदान करते हैंI इस दिन महिलाएं सूर्य देव का पूजन कर पति की दीर्घायु का कामना करें शुभ मुहूर्त में पूजन करने से व्रती महिलाओं की हर इच्छा पूरी होगी।

ज्योतिष आचार्यों के अनुसार इस वर्ष रोहिणी नक्षत्र में चांद निकलेगा और पूजन होगा कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि इस साल 24 अक्टूबर 2021 दिन रविवार सुबह 3:01 पर शुरू होगी जो अगले दिन 25 अक्टूबर को सुबह 5:45 तक रहेगी इस दिन चांद निकलने का समय 8:11 है पूजन के लिए शुभ मुहूर्त 24 अक्टूबर 2021 को शाम 6:55 से लेकर 8:51 तक रहेगा।

करवा चौथ के दिन आप भगवान शंकर, मां पार्वती, गणेश जी और कार्तिकेय जी के साथ-साथ चंद्र देव जी की पूजा करें।

पूजन करने हेतु मंत्र

शिवायै नमः, से मां पार्वती का पूजा करें।

नमः शिवाय, से भगवान शिव की पूजा करें।

पुण्मुखाय नमः, से स्वामी कार्तिकेय जी की आराधना करें।

गणेशाय नमः से गणेश जी की आराधना करें।

ॐ सोमाय नमः, से चंद्रमा का पूजन करें।

करवा चौथ व्रत की कहानी

प्राचीन काल में भारतवर्ष के किसी गांव में एक साहूकार रहा करता था I उसके सात बेटे और एक बेटी थी, सातों भाई अपनी बहन को बहुत प्यार करते थे । यहां तक कि वे पहले अपनी बहन को खाना खिलाते थे, फिर बाद में वह स्वयं खाते थे। जब उनकी बहन बड़ी हो गई तो उसकी शादी एक सुयोग वर देखकर कर दिया गया एक बार वह बहन अपने ससुराल से मायके आई हुई थी, मायके में वह करवा चौथ का व्रत कर रही थी।

शाम के समय जब सारे भाई अपना व्यापार व्यवसाय बंद करके घर आए तो बहन को बहुत व्याकुल देखा सभी भाई खाना खाने बैठे और अपनी बहन से भी खाना खाने की आग्रह की लेकिन बहन ने बताया कि उसका आज करवा चौथ का निर्जला व्रत है और वह खाना सिर्फ चंद्रमा को देख कर उसे अर्घ देखकर ही खा सकती है क्योंकि चंद्रमा अभी तक नहीं निकला है इसलिए वह भूख प्यास से व्याकुल हो उठी हैI  

ऐसे में उसका सबसे छोटा भाई अपनी बहन की हालत को नहीं देख पाया और दूर पीपल के पेड़ पर एक दीपक जलाकर छलनी की ओट मे रख दिया देखने पर ऐसा प्रतीत होता था जैसे कि चंद्रमा है घर आकर वह अपनी बहन को बताता है कि चंद्रमा निकल गया है तुम उसे अर्घ देकर बाद में भोजन कर सकती हो ,खुशी के मारे सीडियो के ऊपर चढ़कर चाँद को देखती है ,और उसे अर्घ देकर खाना खाने बैठ जाती है। भोजन ग्रहण करते ही उस लड़की का पति की मृत्यु हो जाती है।

पति की मृत्यु से व्याकुल वह लड़की बहुत विलाप करने लगती है, तब उनकी एक भाभी जाकर उससे वह सच्चाई बताती है कैसे उसके छोटे भाई ने चांद की जगह दीपक को दिखाकर उसका व्रत भंग किया है ,यह सच्चाई जानने के बाद वह लड़की निश्चय करती है कि मैं पूरे साल  चौथ का व्रत रखूंगी और अगले साल करवा चौथ के दिन पूरे नियम से करवा चौथ का व्रत कर दूंगी ताकि मेरे पति पुनर्जीवित हो सके।

वह लड़की वैसे ही करती है अगले साल करवा चौथ के दिन पूरे नियम और मनसे व करवा चौथ का व्रत करती है और अपने भूल के लिए प्रभु से क्षमा मांगती है और अपने पति के लंबी आयु का वरदान मांगती है। उसके ऐसा करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और उसके पति को पुनर्जीवित कर देते हैं और लंबी आयु का वरदान देते हैं। तभी से सारी सुहागिन स्त्रियां करवा चौथ के दिन अपने सोलह सिंगार करके नए वस्त्र, आभूषण पहनकर इस व्रत को बहुत ही नियम और मनसे करती हैं ताकि उनके पति की आयु लंबी हो और जितनी भी बयादीया और कष्ट है वह दूर हो।

धनबाद में करवा चौथ 2021 पूजा मुहूर्त, चंद्रमा का समय:(Karwa chauth in dhanbad)

Puja MuhuratOctober 24, 05:50 PM – October 24, 07:06 PM
Upavasa TimeOctober 24, 06:31 AM – October 24, 08:25 PM
Sunrise24 October, 2021 06:31 AM.
Sunset24 October, 2021 05:50 PM.
Moonrise24 October, 2021 07:45 PM.
Chaturthi Tithi Begins24 October, 2021 03:02 AM.
Chaturthi Tithi Ends25 October, 2021 05:43 AM.

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