ISM Dhanbad-भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, धनबाद- All Important details.

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ISM Dhanbad:आईआईटी धनबाद को कुछ लोग इसकी पुराने नाम इंडियन स्कूल ऑफ माइंस यानी आईएसएम धनबाद के रूप में भी जानते हैं। इसका इतिहास झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित करने वाला इतिहास है। यह संस्थान झारखंड के एक प्रमुख जिले धनबाद में स्थापित है।  धनबाद के पटेल नगर में स्थित है, आईएसएम या आईआईटी धनबाद का कुल क्षेत्रफल 218 एकड़ का है। और अभी हाल में ही झारखंड सरकार ने इसके दूसरे परिसर के लिए धनबाद के ही निरसा में 226 एकड़ भूमि को मंजूरी दी है जहां आने वाले समय में आईआईटी धनबाद का दूसरा केंपस बनेगा।

History of ISM Dhanbad

आईआईटी रुड़की और बीएचयू के बाद आईआईटी में परिवर्तित होने वाला यह तीसरा सबसे पुराना संस्थान है। आईआईटी धनबाद इंडियन स्कूल ऑफ माइंस था तब हुआ रॉयल स्कूल ऑफ लंदन के तर्ज पर ब्रिटिश द्वारा स्थापित किया गया था। और इसका औपचारिक रूप से उद्घाटन लॉर्ड इरविन द्वारा सन 1926 को हुआ था।

आईएसएम को धनबाद को शुरू करने का मुख्य कारण खनन और खनिज विज्ञान में शिक्षा प्रदान करना था, यह संस्थान आज भी विभिन्न विभागों के साथ एक विकसित तकनीकी संस्थान के रूप में धनबाद में स्थित है, जिसे अब लोग आईआईटी धनबाद के रूप में जानते हैं।

आईएसएम धनबाद(ISM Dhanbad) सन 2016 ,25 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बनी एक केंद्रीय मंत्री मंडल की कमेटी द्वारा अधिनियम 1961 में संशोधन करके आईआईटी धनबाद में बदल दिया गया।

संस्थान को स्थापित करने का प्रस्ताव भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा उन्नीस सौ आठ में आयोजित 17 में सम्मेलन में पारित किया था।

इस संस्थान की सिफारिश ब्रिटिश सरकार द्वारा गठित मैकफर्सन समिति के द्वारा की गई थी, उनकी रिपोर्ट में यह सिफारिश की गई थी कि इस क्षेत्र में एक संस्थान हो, जो कि खनन और खनिज पदार्थों के विषय में तकनीकी रिसर्च कर सके ।

यह संस्थान(ISM Dhanbad) भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपना एक अलग स्थान बनाया है।

इस संस्थान में छात्र और छात्राओं के लिए बहुत सारे विशेष सुविधाएं दी गई है बहुत सारे आकर्षण के प्रमुख केंद्र है छात्र अपने कक्षा के अलावा अधिकांश समय यहां के कुछ प्रमुख केंद्रों पर ही बिताना पसंद करते हैं यह प्रमुख केंद्र मुख्यतः है छात्र गतिविधि केंद्र मुख्य कैंटीन रामधनी लाइब्रेरी बेसमेंट पेनमैन ऑडिटोरियम हेरिटेज बिल्डिंग ऑल गार्डन इत्यादि।

यहां छात्रों के लिए लगभग 11 छात्रावास हैं जिसमें लगभग 2000 छात्रों को रहने की व्यवस्था है इन 11 छात्रावासों में 4 छात्रावास लड़कियों के लिए सुरक्षित रखा गया है और बाकी छात्रावास लड़कों के लिए है इन दोनों मैं 11 छात्रावास अंतरराष्ट्रीय छात्राओं के लिए भी है इन सारे छात्रावास  का नामकरण बेशकीमती पत्थरों के नाम पर रखा गया है जैसे डायमंड हॉस्टल उप्पल हॉस्टल पुखराज एमराल्ड इत्यादिकि संस्थान में मुख्यता खनन इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई जाती है

इसके अलावा यहां केमिकल इंजीनियरिंग सिविल इंजीनियरिंग कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विद्युत इंजीनियरिंग इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग पर्यावरण इंजीनियरिंग इंधन खनिज एवं धातु कर्म इंजीनियरिंग मैकेनिकल इंजीनियरिंग इंजीनियरिंग पैट्रोलियम इंजीनियरिंग खनन मशीनरी इंजीनियरिंग इंजीनियरिंग भूविज्ञान इंजीनियरिंग की पढ़ाई कैसे कराई जाती है।

इस संस्थान को 2020 में प्रबंध अध्ययन विभाग द्वारा एनआईआरएफ में 29 वां स्थान प्राप्त हुआ था।

हॉस्टल के अलावा छात्र जिमखाना और खेलकूद केंद्र भी है।

यह संस्थान(ISM Dhanbad) साल में बहुत सारे कार्यक्रम का भी आयोजन करता है जिसमें मुख्य रूप से बसंत, क्रिकेट खेल और खेल के कार्यक्रम इंटर हाउस खेल और बहुत सारे सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं और तकनीकी उत्सव शामिल है।

 यह संस्थान से पढ़कर बहुत सारे पूर्व-छात्र पद्मश्री और पद्म भूषण जैसे पुरस्कारों से सम्मानित किए गए हैं इसमें से कुछ प्रमुख नाम है रवि नारायण बस्ती विजय प्रसाद डिमरी हर्ष गुप्ता वामन बापूजी मीटर इत्यादि इन लोगों ने धनबाद आईआईटी आईएसएम का नाम पूरे देश में ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फैलाने का काम किया है।

युसूफ खान झारखंड होने से झारखंड के गौरव को और भी बढ़ाने का काम करता है।

इस संस्थान में बहुत सारे भारत के राष्ट्रपति यहां के एनुअल डे फंक्शन में शामिल हो चुके हैं उनमें से प्रमुख नाम है प्रणब मुखर्जी इत्यादि।

Homepage: https://dhanbadonline.com/

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